Wednesday, August 18, 2010

My Earth My Duty

Nation's Biggest Plantation Drive.
Plant a Tree Become Green Citizen 
In case if you are Unabe to Plant a Tree Then Zee New Plant a Tree On Your Behalf.
Please Register Urself with http://www.zeenews.com/myearth/join.aspx .

Monday, July 26, 2010

पर्यावरण दिवस क्यों?

पर्यावरण दिवस। कहने-सुनने में तो बहुत अच्छा लगता है कि हम सब पर्यावरण दिवस मनाते है। और क्यों न हो मनाना भी चाहिए। वैसे ‍तो हम जगह-जगह जाकर पौधारोपण करते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और दिखावे के लिए उन फोटो को अखबारों में छपवाकर एक छोटा-बड़ा कैप्शन देने की जहमत भी उठाते है कि आज इस व्यक्ति या नेता ने उक्त जगह जाकर कई पौधों को रोपित किया।

पौधा रोपण करना तो बहुत अच्छी बा‍त हैं लेकिन क्या आपने पौधा रोपण करने के बाद अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई हैं जैसे आप अपने घर के बच्चे को जन्म देने के बाद उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी उठाते हैं।

इस सवाल का जवाब शायद हर किसी के पास नहीं होगा। क्योंकि सच्चाई तो यही है कि हम कुछ समय तक तो उन पौधों की देखभाल कर लेते हैं लेकिन दो-चार दिन बाद ही जब हम अपने काम में व्यस्त हो जाते है तो यह भूल जाते हैं कि हमने कई जगह जाकर पौधो रोपण किया, फोटो खिचवाई, अखबार में छपवाया और फिर उस काम को नजरअंदाज कर दिया। क्या इस तरह हमारा पौधा रोपण करके उसे न‍ सिंचना हमारी मानसिक कमजोरी है या मजबूरी इस बात का फैसला आप खुद ही कर लीजिए।

हम जब अपने बच्चे को जन्म देते हैं तो उसे कभी नहीं भूलते। उसकी परवरिश पूरी तरह करते हैं। उसे खाद, पानी यानी संस्कार, शिक्षा सबकुछ समय-समय पर देते रहते हैं ताकि एक दिन वह बच्चा बड़ा होकर आपका नाम रोशन करें, आपको खुशियाँ, सुख-सुविधाएँ दें और आप निश्चिंत होकर भगवान के घर की ओर प्रस्थान कर सकें। लेकिन क्या पौधों को आपने इस तरह की परवरिश देते दे्‍खा हैं।

पौधा रोपण करके नाम बड़ा करना बहुत ही आसान है लेकिन उसकी सही मायने में परवरिश करना, उसे संस्कार देना बहुत मुश्किल। एक बार तो अपने ही बच्चे अपने साथ धोखा कर देते हैं, हमें सताते हैं, बुढ़ापे में हमारी लाठी बनने के बजाय हमें बीच मँझधार में ही छोड़कर चल देते हैं। लेकिन ये न बोलने वाले, न सुनने वाले, बेचारे मूक पेड़-पौधे बड़े होकर हमारा आसरा बनते हैं, हमें सहारा देते हैं। हमें अपनी छाँव में बिठाकर ठंडक देते हैं। बिन मुँह के ये पौधे हमारे लिए पूरे जीवन का सहारा बनकर हमें कभी फूलों से तो कभी फलों से नवाज कर हमें हर ऋतु में नई-नई सौगातें देते रहे हैं। और उनका यही क्रम पूरे ‍जीवन भर चलता रहता है।

एक बारगी हमारे परिवार वाले, रिश्‍तेदार, हमारे खुद के बच्चे हमारे साथ धोखा करके हमें नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन ये बिना मुख के पेड़-पौधे पूरे जीवन हमारी रक्षा करते हैं। हमें अनाज देकर हमारे जीवन को धन्य करते हैं। वे हमें कभी भी उपेक्षित नहीं करते। हम भले ही एक बार उनकी उपेक्षा कर जाएँ, समयाभाव में उनकी देखरेख करना भूल जाएँ। उन्हें पानी पिलाना, खाद देना भले ही भूल जाए लेकिन वे अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी के साथ निभाते हैं।

जब एक नन्हा पौधा बड़ा होकर एक वृक्ष का रूप धारण करता है। तो वह हमारे पीढ़ी दर पीढ़ी को अपनी सुख की छाया में बिठाकर फल-फूल देकर तृप्त करता रहता है। ऐसे पेड़ों को सिर्फ जगह-जगह पौधा रोपण करके उन्हें भूल जाना मानवीयता की एक बहुत बड़ी भूल है। जिसकी ‍कीमत हर मनुष्य को चुकानी पड़ेगी। एक इंसान का काम सिर्फ पौधे लगाना नहीं है, उसकी उचित देखभाल, साज-सँवर भी बहुत जरूरी है।

इसलिए पर्यावरण दिवस मनाने और पौधा रोपण करके अपने कर्तव्यों से इतिश्री न करें। उनकी सही पर‍वरिश करके उन्हें विशालकाय रूप लेने में उनकी मदद करें। तभी हमारा पर्यावरण दिवस मनाने का, और पौधा रोपण करने का किया गया प्रयास सार्थक होगा। और हम सही मायने में पर्यावरण दिवस को मनाने के हकदार कहलाएँगे।

Sunday, July 25, 2010

सिर्फ तुम्हारे लिए

कभी तो झरो
मुझ पर
एक ऐसी शब्द-बूँद
कि मेरी मन-धरा पर
प्रस्फुटित हो जाए
शर्माया हुआ प्यार का कोमल अंकुर
सिर्फ तुम्हारे लिए।

कभी तो रचों मेरे इर्द गिर्द
शब्द-फूलों का रंगीन समाँ
कि मैं महकने लगूँ और
भर जाऊँ खुशियों की गंध से
सिर्फ तुम्हारे लिए।

कभी तो आने दो
मेरे कजरारे बालों तक
नशीली शब्द-बयार का झोंका
कि मेरे पोर-पोर में खिल उठें
ताजातरीन कलियाँ
सिर्फ तुम्हारे लिए।

कभी तो पहनाओं अपनी भावनाओं को
ऐसे शब्द-परिधान
कि ‍जिन्हें देखकर लहरा उठें
मेरे भीतर का भीगा सावन
सिर्फ तुम्हारे लिए।

मत बरसाओं मुझ पर
ऐसी शब्द-किरचें
कि होकर लहूलुहान
मैं, बस रिसते जख्म ही
ला सकूँ
तुम्हारे लिए!

पौधे लगाएँ राशि अनुसार

जैसे आप अपने ग्रहों से जिंदगी के सितारे बदल सकते हैं। वैसे ही विभिन्न राशियों पर अनुकूल प्रभाव डालने वाले पेड़-पौधे भी होते हैं। यदि ज्योतिषी द्वारा सुझाए गए पौधे घरों में रोपे जाएँ, तो संबंधित राशि वाले व्यक्ति पर अच्छा असर होता है।

राशि अनुसार ये पौधे लगाएँ

- मेष के लिए आँवला।
- वृष के लिए गूलर, बरगद।
- मिथुन के लिए सूरजमुखी।
- कर्क के लिए चंदन, हरसिंगार।
- सिंह के लिए पलास, आम।
- कन्या के लिए मूँग व हल्दी।
- तुला के लिए लौंग व शीशम।
- वृश्चिक के लिए बाँस व गन्ना।
- धनु के लिए शीशम।
- मकर के लिए पीपल, बेल, बबूल आम व तुलसी।
- कुंभ के लिए कदंब व कमल।
- मीन के लिए तिल व पीपल का पौधे लगाना चाहिए।

ऐसे पर्याप्त पौधे आप नर्सरी से सस्ती दरों पर खरीदे जा सकते हैं। इसके अलावा रुद्राक्ष और अन्य दुर्लभ प्रजातियों के पौधे भी आसानी से उपलब्ध होते है। साथ ही नर्सरी विभाग लोगों को पौधरोपण की तकनीक और रख-रखाव की जानकारी देते हैं।

सजाएं घर पौधों से

जब स्वर्ग की कल्पना की जाती है तो वह हरा-भरा, प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर ही होता है। किसी से भी पूछा जाए कि उसे किस माहौल में आराम मिलता है तो प्राय: उसका जवाब यही होता है, किसी हरियाले पेड के नीचे या फूलों के बीच। घर की चारदीवारी के भीतर खुली जगह यदि हरे-भरे पेड-पौधों से सजी हो तो उसके कई फायदे होते हैं। आपको शुद्ध हवा तो मिलती ही है, आपके नकारात्मक विचार भी काफी हद तक दूर हो जाते हैं। पॉजिटिव एनर्जी का स्त्रोत होती है हरियाली। यही वजह है कि किसी भी प्रकार के तनाव व दुख में डॉक्टर प्रकृति के नजदीक रहने की राय देते हैं। बडे शहरों की मजबूरी है कि सीमेंट के जंगल के बीच हरियाली का स्थान बहुत सीमित हो गया है। फिर भी जहां जितना भी स्पेस मिले, उसके सदुपयोग का एक मौका भी हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। शायद यही वजह है कि प्रकृति से प्रेम करने वाले अपने घर-बाहर का एक कोना भी खाली नहीं रहने देना चाहते। उनकी कोशिश यही रहती है कि जहां भी लग सके, वह एक पौधा जरूर लगाएं, जिससे हरियाली तो शामिल हो ही, प्रकृति की ताजा हवा अपने सुंदरतम रूप के साथ घर में प्रवेश कर पाए।

क्या फायदा मिलता है

पौधे किसी भी घर के फेफडे (लंग्स) होते हैं। आने वाले का स्वागत करते व रहने वालों को प्रसन्न रखने की जिम्मेदारी निभाते हुए। ये पौधे आपके घर के इंटीरियर में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इसलिए घर के अंदरूनी हिस्सों में भी प्लांट लगा, उसकी खूबसूरती बढाई जा सकती है। सीधी-साफ डेकोरेशन में लंबे-चौडे फ्लोर पर पौधों की उपस्थिति बेहद आकर्षक लगती है।

जब भी घर को पौधों से सजाने की प्लैनिंग करें, यह ध्यान रखें कि पौधों का साइज, शेप जगह कितनी लेगा। बडे बेलपत्र वाले पौधे स्कल्पचर टेक्सचर का लुक देते हैं। कमरे के लंबे-चौडे सरफेस को सुंदर कलर स्कीम व आकर्षक स्टाइल से भर देते हैं। क्रोटन्स विशेषकर इस दिशा में काम करते हैं, क्योंकि वे भिन्न शेड के रंगों वाले होते हैं। हलके रंग के कमरे में इसके रिच डार्क शेड के पौधे लुभावने लगते हैं। डार्क कलर के कमरे में पेल और हलके हरे रंग के पौधे ठीक रहते हैं। आइए अब जानें घर की विविध जगहों पर इनकी व्यवस्था के बारे में।

सिटिंग रूम

सिटिंग रूम में बहुत बडे पौधों की जगह छोटे पौधे ही अच्छे लगते हैं। हालांकि लिविंग रूम में पौधे रखना थोडा-सा कठिन होता है क्योंकि वहां का टेम्प्रेचर तेजी से परिवर्तित होता रहता है। वहां जमीन पर रखे जाने वाले पॉट, जिनमें सुंदर रंगों के संयोजन वाले पौधे हों, अच्छे लगते हैं। फैन पॉम व चाइनीज बैंबू भी अच्छे लगते हैं। कुछ छोटे फूलों के पौधे स्टडी डेस्क के पास लगाएं जाए तो वे बहुत सुंदर सजावट करते हैं। मिनिएचर प्लांट छोटे पॉट में लगाने से पौधों के प्रति लगाव भी उत्पन्न होता है। यदि आप चाहें तो घर और बाहर दोनों में पौधे लगा बागवानी का आनंद ले सकती हैं। यदि बाहर लगे पौधों का आनंद अंदर से लेना चाहें तो ग्लास वॉल का प्रयोग कर सकती हैं।

किचेन

किचेन ऐसी जगह है, जहां भिन्न प्रकार की बहुत-सी वस्तुएं रहती हैं। ऐसे में प्लांट लगाने से वातावरण बोझिल नहीं लगता। पर इसके लिए यह ध्यान रखें कि जो भी पौधे लगाएं, वे परेशानी या चलने-फिरने में उलझन डालने वाले न हों। वे पौधे बहुत डेकोरेटिव भी न हों। ठीक से पॉट में लगे हों व हर्ब व कुकिंग में काम आने वाले हों। ऐसे बहुत से पौधे हैं जिन्हें खिडकी के साथ या किचेन या डाइनिंग हॉल के किनारे लगाया जा सकता है। इनमें बेसिल, पारसले, मिंट, धनिया आदि के पौधे आते हैं। यदि आपके किचेन में धूप आती है तो वह जल्दी ही हरे-भरे पौधों से युक्त हो जाएगी। डाइनिंग टेबल पर रखे टेराकोटा के पॉट में लगे पौधे सजावट में विशेष रोल अदा करेंगे।

बाथरूम

कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो गरमाई, मॉयस्चर व नमी में अच्छे उगते हैं। जबकि ये घर के अन्य हिस्सों में कठिनाई से लगते हैं। मॉयस्चर प्रेमी फर्न और बेबी टियर यदि बाथरूम में लगे हों तो लग्जरी लुक देंगे।

कुछ उपयोगी सुझाव

1. कभी चाहें तो घर के बाहर लगे पौधे भीे घर के अंदर रखकर सजावट का आनंद उठा सकती हैं।

2. बहुत से किचेन आइटम ऐसे होते हैं जो प्लांट लगाने के लिए काम आ सकते हैं। वे हैं - पुराने बोल, इडली कुकर, सिरेमिक जार, मेटल बॉक्स, बेकिंग पॉट, वुडन पॉट। इनमें एयर रहती है, इसलिए ये हर्ब वाले प्लांट के लिए फायदेमंद होते हैं। इन्हें फेंकने के बजाय इनमें पौधे लगाएं।

3.कभी-कभी साधारण से विचार भी बेहद काम के सिद्ध होते हैं। खाली कंटेनर्स के बारे में सोचें, यहां तक कि आप वाइन बॉटल को रखने वाले टिन तक काम में ला सकती हैं।

4. अपने पौधों को कभी-कभी बाहर भी करते रहें जिससे उन्हें ताजा हवा व सूरज की रोशनी मिल सके।

ऐसे पौधे जो हवा को प्रदूषण से बचाते हैं :

1. ऑस्पेरेगस यानी शतावरी

2. स्पाइडर प्लांट

3. सेंचुरी प्लांट

4. फाइकस

5. थाइम

6. लेवेंडर

7. अम्ब्रैला ग्रास

8. सेंटेड जिरेनियम

9. मोनेस्ट्रीया

10. पॉमस

11. बोगनवेलिया

12. बहुत सी प्रजातियां बैंबू की
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जब स्वर्ग की कल्पना की जाती है तो वह हरा-भरा, प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर ही होता है। किसी से भी पूछा जाए कि उसे किस माहौल में आराम मिलता है तो प्राय: उसका जवाब यही होता है, किसी हरियाले पेड के नीचे या फूलों के बीच। घर की चारदीवारी के भीतर खुली जगह यदि हरे-भरे पेड-पौधों से सजी हो तो उसके कई फायदे होते हैं। आपको शुद्ध हवा तो मिलती ही है, आपके नकारात्मक विचार भी काफी हद तक दूर हो जाते हैं। पॉजिटिव एनर्जी का स्त्रोत होती है हरियाली। यही वजह है कि किसी भी प्रकार के तनाव व दुख में डॉक्टर प्रकृति के नजदीक रहने की राय देते हैं। बडे शहरों की मजबूरी है कि सीमेंट के जंगल के बीच हरियाली का स्थान बहुत सीमित हो गया है। फिर भी जहां जितना भी स्पेस मिले, उसके सदुपयोग का एक मौका भी हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। शायद यही वजह है कि प्रकृति से प्रेम करने वाले अपने घर-बाहर का एक कोना भी खाली नहीं रहने देना चाहते। उनकी कोशिश यही रहती है कि जहां भी लग सके, वह एक पौधा जरूर लगाएं, जिससे हरियाली तो शामिल हो ही, प्रकृति की ताजा हवा अपने सुंदरतम रूप के साथ घर में प्रवेश कर पाए।

क्या फायदा मिलता है

पौधे किसी भी घर के फेफडे (लंग्स) होते हैं। आने वाले का स्वागत करते व रहने वालों को प्रसन्न रखने की जिम्मेदारी निभाते हुए। ये पौधे आपके घर के इंटीरियर में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इसलिए घर के अंदरूनी हिस्सों में भी प्लांट लगा, उसकी खूबसूरती बढाई जा सकती है। सीधी-साफ डेकोरेशन में लंबे-चौडे फ्लोर पर पौधों की उपस्थिति बेहद आकर्षक लगती है।

जब भी घर को पौधों से सजाने की प्लैनिंग करें, यह ध्यान रखें कि पौधों का साइज, शेप जगह कितनी लेगा। बडे बेलपत्र वाले पौधे स्कल्पचर टेक्सचर का लुक देते हैं। कमरे के लंबे-चौडे सरफेस को सुंदर कलर स्कीम व आकर्षक स्टाइल से भर देते हैं। क्रोटन्स विशेषकर इस दिशा में काम करते हैं, क्योंकि वे भिन्न शेड के रंगों वाले होते हैं। हलके रंग के कमरे में इसके रिच डार्क शेड के पौधे लुभावने लगते हैं। डार्क कलर के कमरे में पेल और हलके हरे रंग के पौधे ठीक रहते हैं। आइए अब जानें घर की विविध जगहों पर इनकी व्यवस्था के बारे में।

सिटिंग रूम

सिटिंग रूम में बहुत बडे पौधों की जगह छोटे पौधे ही अच्छे लगते हैं। हालांकि लिविंग रूम में पौधे रखना थोडा-सा कठिन होता है क्योंकि वहां का टेम्प्रेचर तेजी से परिवर्तित होता रहता है। वहां जमीन पर रखे जाने वाले पॉट, जिनमें सुंदर रंगों के संयोजन वाले पौधे हों, अच्छे लगते हैं। फैन पॉम व चाइनीज बैंबू भी अच्छे लगते हैं। कुछ छोटे फूलों के पौधे स्टडी डेस्क के पास लगाएं जाए तो वे बहुत सुंदर सजावट करते हैं। मिनिएचर प्लांट छोटे पॉट में लगाने से पौधों के प्रति लगाव भी उत्पन्न होता है। यदि आप चाहें तो घर और बाहर दोनों में पौधे लगा बागवानी का आनंद ले सकती हैं। यदि बाहर लगे पौधों का आनंद अंदर से लेना चाहें तो ग्लास वॉल का प्रयोग कर सकती हैं।

किचेन

किचेन ऐसी जगह है, जहां भिन्न प्रकार की बहुत-सी वस्तुएं रहती हैं। ऐसे में प्लांट लगाने से वातावरण बोझिल नहीं लगता। पर इसके लिए यह ध्यान रखें कि जो भी पौधे लगाएं, वे परेशानी या चलने-फिरने में उलझन डालने वाले न हों। वे पौधे बहुत डेकोरेटिव भी न हों। ठीक से पॉट में लगे हों व हर्ब व कुकिंग में काम आने वाले हों। ऐसे बहुत से पौधे हैं जिन्हें खिडकी के साथ या किचेन या डाइनिंग हॉल के किनारे लगाया जा सकता है। इनमें बेसिल, पारसले, मिंट, धनिया आदि के पौधे आते हैं। यदि आपके किचेन में धूप आती है तो वह जल्दी ही हरे-भरे पौधों से युक्त हो जाएगी। डाइनिंग टेबल पर रखे टेराकोटा के पॉट में लगे पौधे सजावट में विशेष रोल अदा करेंगे।

बाथरूम

कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो गरमाई, मॉयस्चर व नमी में अच्छे उगते हैं। जबकि ये घर के अन्य हिस्सों में कठिनाई से लगते हैं। मॉयस्चर प्रेमी फर्न और बेबी टियर यदि बाथरूम में लगे हों तो लग्जरी लुक देंगे।

कुछ उपयोगी सुझाव

1. कभी चाहें तो घर के बाहर लगे पौधे भीे घर के अंदर रखकर सजावट का आनंद उठा सकती हैं।

2. बहुत से किचेन आइटम ऐसे होते हैं जो प्लांट लगाने के लिए काम आ सकते हैं। वे हैं - पुराने बोल, इडली कुकर, सिरेमिक जार, मेटल बॉक्स, बेकिंग पॉट, वुडन पॉट। इनमें एयर रहती है, इसलिए ये हर्ब वाले प्लांट के लिए फायदेमंद होते हैं। इन्हें फेंकने के बजाय इनमें पौधे लगाएं।

3.कभी-कभी साधारण से विचार भी बेहद काम के सिद्ध होते हैं। खाली कंटेनर्स के बारे में सोचें, यहां तक कि आप वाइन बॉटल को रखने वाले टिन तक काम में ला सकती हैं।

4. अपने पौधों को कभी-कभी बाहर भी करते रहें जिससे उन्हें ताजा हवा व सूरज की रोशनी मिल सके।

ऐसे पौधे जो हवा को प्रदूषण से बचाते हैं :

1. ऑस्पेरेगस यानी शतावरी

2. स्पाइडर प्लांट

3. सेंचुरी प्लांट

4. फाइकस

5. थाइम

6. लेवेंडर

7. अम्ब्रैला ग्रास

8. सेंटेड जिरेनियम

9. मोनेस्ट्रीया

10. पॉमस

11. बोगनवेलिया

12. बहुत सी प्रजातियां बैंबू की

गर्मी में लगाएँ ये पौधे

तपती हुई गर्मी से हर कोई परेशान है। सुबह होते ही गर्मी का कहर शुरू हो जाता है। दिन भर चलने वाली लू से न केवल लोग बेहाल हैं बल्कि इस प्रचंड गर्मी पेड़-पौधे भी सूख रहे हैं। ऐसी गर्मी से न केवल अपने आप को बचाने बल्कि पेड़-पौधों की विशेष देखभाल की भी जरुरत है।

थोड़ी सी लापरवाही से घर की साज-सज्जा और सुंदरता बढ़ा रहे पौधे सूख कर खराब हो सकते हैं। इसलिए इस मौसम में न सिर्फ पौधों की देखभाल की जरुरत है बल्कि घर में ऐसे पौधों का चयन किया जाना चाहिए जो कि गर्मी के मौसम में भी हरे भरे और सुंदर रहें।

-साइकस पाम,
-फिनिक्स पाम,
-युका,
-लोलीना,
-यूफोरविया,
-मिली,
-बोगन वैली,
-यूनीप्रेस

ऐसे पौधे हैं जिन पर गर्मी का बहुत अधिक असर नहीं पड़ता है। नियमित रूप से पानी देने से ये पौधे गर्मी में भी हरे भरे रहते हैं।